लॉकडाउन : मजदूरों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं ट्रांसपोर्टर, ड्राइवर के जरिए हो रही डीलिंग

 लॉकडाउन : मजदूरों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं ट्रांसपोर्टर, ड्राइवर के जरिए हो रही डीलिंग

Faridabad : लॉकडाउन में सरकारी तंत्र की अव्यवस्था से परेशान फरीदाबाद से रोज हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर अपने गांव पलायन करने को मजबूर हैं। िबहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की ओर पलायन करने वाले मजदूरों की मजबूरी का फायदा अब यहां के ट्रांसपोर्टर अपने ड्राइवरों के जरिए उठा रहे हैं। प्रवासियों को उनके शहर तक छोड़ने की डीलिंग की जा रही है। बल्लभगढ़ अनाज मंडी के पास होती है डील। संवाददाता ने प्रवासी श्रमिकों की मजबूरी का फायदा उठाने वाले ऐसे दो ट्रक ड्राइवरों से लेबर कांट्रैक्टर बनकर उनसे विभिन्न शहरों में श्रमिक भेजने के बारे में बातचीत की।

ड्राइवरों से हुई बातचीत के कुछ अंश
बल्लभगढ़ में अनाज मंडी के पास खड़े होने वाले ट्रक ड्राइवर उस्मान और शकील से लेबर कांट्रैक्टर बनकर फोन पर बातचीत की। बातचीत के कुछ अंश हैं।

जयपुर के लिए 50-52 सवारी हैं और लखनऊ के लिए 40-42। क्या किराया लगेगा।

ड्राइवर उस्मान : 40-42 सवारी तो 14 फुटी गाड़ी में आ जाएंगे। किराया करीब 1000 रुपए प्रति व्यक्ति लगेगा। क्योंकि हम अलीगढ़ के रास्ते निकलेंगे। हमें भोपाल 60-62 और बिहार के बेगूसराय के लिए 96-97 श्रमिकों काे भेजना है। क्या किराया है।

ड्राइवर शकील : भाई साहब, भोपाल के लिए 2000 रुपए और बेगूसराय के लिए 2500 रुपए लगेंगे। रास्ते में कोई दिक्कत नहीं होगी। सब कुछ मैनेज करने की जिम्मेदारी हमारी होगी। एडवांस पैसा जमा करना होगा। आपको तो पता ही है कि रास्ते में खर्च और बॉर्डर पर पैसे देने पड़ते हैं।

एसडीएम बोले- ऐसा कुछ भी नहीं है
जिस क्षेत्र बल्लभगढ़ से प्रवासियों को लूटने का काम चल रहा है वहां के एसडीएम त्रिलोकचंद से बात की गई तो उनका कहना था कि ऐसा कुछ नहीं है। बाेल देंगे पुलिस वालों को वे देख लेंगे। इसके अलावा उनके पास कोई जवाब नहीं था।

Sulekha Prasad

Sulekha Prasad

"Inspiringly inspired to inspire." Grounded journalist, hungry for growth and development, with the attitude of serving society with all that I have learnt so far and will learn.

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